दुबई: पश्चिम एशिया में ईरान युद्ध के बीच लागू सीजफायर एक बार फिर संकट में नजर आ रहा है। कुवैत ने गुरुवार को दावा किया कि उस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन हालात अब भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। कुवैत की सेना ने हमले की पुष्टि की, हालांकि उसने यह नहीं बताया कि किन ठिकानों को निशाना बनाया गया। घटना के कुछ घंटे बाद ईरान ने भी क्षेत्र में हमला करने की बात स्वीकार की, लेकिन उसने भी साफ नहीं किया कि हमला कहां किया गया।
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कुवैत को पहले भी बनाया गया है निशाना
कुवैत अमेरिका का करीबी सहयोगी माना जाता है। ईरान युद्ध के दौरान पहले भी ईरान और इराक में सक्रिय ईरान समर्थित शिया सशस्त्र गुट कई बार कुवैत को निशाना बना चुके हैं। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि उनकी सरकार ईरान के साथ बातचीत में आगे बढ़ रही है और युद्ध समाप्त करने की दिशा में प्रगति हो रही है। हालांकि दोनों देशों के बीच वार्ता अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं हो पाई है। ट्रंप ऐसे समझौते की कोशिश में हैं जिससे 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को दोबारा खोला जा सके।
होर्मुज बंद होने से तेल की कीमतें बढ़ीं
अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने 'एनरिच्ड यूरेनियम' के भंडार को छोड़ दे, जबकि ईरान आर्थिक प्रतिबंध हटाने और विदेशों में जमा अपनी संपत्तियां वापस पाने की मांग कर रहा है, ताकि उसकी कमजोर हो चुकी अर्थव्यवस्था को राहत मिल सके। युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। इसका असर दुनियाभर में ईंधन की कीमतों पर भी पड़ा है। अमेरिका में भी इस जंग के बाद महंगाई बढ़ी है और आम जनता इसे लेकर बहुत ज्यादा नाराज नजर आ रही है।
अमेरिका ने मार गिराए ईरान के 4 ड्रोन
हाल के दिनों में युद्धविराम के बावजूद एक-दूसरे पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं। सोमवार को अमेरिका ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइट्स और बारूदी सुरंग बिछाने वाली नौकाओं पर हमला किया था। पेंटागन ने इन्हें 'रक्षात्मक कार्रवाई' बताया था। वहीं बुधवार देर रात अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी सेना ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के आसपास खतरा पैदा कर रहे ईरान के 4 आत्मघाती ड्रोन मार गिराए। इसके अलावा बंदर अब्बास में स्थित एक ईरानी ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन को भी निशाना बनाया गया, जहां से पांचवें ड्रोन को लॉन्च करने की तैयारी हो रही थी।
ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया
ईरान की अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के जरिए बंदर अब्बास अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के आसपास हुए हमले की पुष्टि की। साथ ही दावा किया कि उसने उस एयर बेस पर जवाबी हमला किया, जहां से अमेरिकी कार्रवाई की गई थी। हालांकि ईरान ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उसका हमला किस ठिकाने पर हुआ और यह भी साफ नहीं हो पाया कि कुवैत द्वारा घोषित हमला उसी कार्रवाई से जुड़ा था या नहीं। पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव और युद्धविराम के बावजूद जारी हमलों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।